| 1. बैंक में चेक जमा करना (Cheque Presentation) | चेक के ऊपर लिखी तारीख (Date on Cheque) से | Section 138 Proviso (a) NI Act एवं RBI सर्कुलर | चेक ‘Stale’ (कालातीत) हो जाएगा; धारा 138 लागू नहीं होगी। |
| 2. लीगल डिमांड नोटिस भेजना (Legal Demand Notice) | बैंक से रिटर्न मेमो मिलने वाले दिन को छोड़कर अगले दिन से | Section 138 Proviso (b) NI Act | उस मेमो पर धारा 138 का अधिकार खत्म (यदि 3 माह शेष हैं तो चेक दोबारा लगाएं)। |
| 3. देनदार द्वारा भुगतान का समय (Cure / Payment Window) | देनदार को नोटिस मिलने (Delivery / Refusal) के अगले दिन से | Section 138 Proviso (c) NI Act | 15 दिन में भुगतान होने पर केस बंद; न होने पर 16वें दिन अपराध गठित। |
| 4. मजिस्ट्रेट कोर्ट में केस दायर करना (Filing Complaint) | 15 दिन की भुगतान अवधि समाप्त होने के ठीक अगले दिन (16वें दिन) से | Section 142(1)(b) NI Act | देरी होने पर Section 142(1)(b) Proviso के तहत माफी की अर्जी लगानी होगी। |
| 5. अंतरिम मुआवजा भुगतान (20% Interim Compensation) | 60 दिन (+30 दिन छूट) | मजिस्ट्रेट द्वारा धारा 143A का आदेश पारित होने की तारीख से | Section 143A NI Act | जमा न करने पर भू-राजस्व (Section 421 CrPC / Sec 461 BNSS) की तरह कुर्की। |
| 6. समानांतर सिविल वसूली दावा (Civil Summary Suit) | 3 वर्ष (3 Years) | चेक की तारीख या बाउंस मेमो की तारीख से | Order XXXVII CPC & Limitation Act, 1963 | यदि धारा 138 की समय सीमा निकल गई हो, तब भी 3 साल तक वसूली संभव। |